परम पावन दलाई लामा की पर्यावरण और सुख पर व्याख्यान देने हेतु मध्य प्रदेश की यात्रा

परम पावन दलाई लामा की पर्यावरण और सुख पर व्याख्यान देने हेतु मध्य प्रदेश की यात्रा

19 मार्च 2017

भारत को गांवों के विकास पर ध्यान देना चाहिए: दलाई लामा भोपाल, मध्य प्रदेश, भारत, १९ मार्च २०१७ (पीटीआई) - भारत को समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए गांवों के विकास पर ध्यान देना चाहिए, तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा ने रविवार के दिन कहा "भारत की समृद्धि बड़े शहरों के विकास के बजाय गांवों के विकास पर निर्भर करती है। अतः विकास की यात्रा देश के ग्रामीण क्षेत्रों से प्रारंभ होनी चाहिए," दलाई लामा ने मध्य प्रदेश के देवास जिले के तुरनल गांव में एक सभा को बताया।

नव नालंदा महाविहार की यात्रा और अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन का दूसरा दिन
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March 18th 2017
भोपाल, मध्य प्रदेश, भारत, १८ मार्च २०१७ - आज प्रातः परम पावन दलाई लामा गाड़ी से नव नालंदा महाविहार गए जिसकी स्थापना १९५१ में एक विश्वविद्यालय के रूप में की गई थी। कुलपति श्री एम.एल. श्रीवास्तव ने उनका स्वागत किया। विश्वविद्यालय के सम्मेलन सभागार में १०० से भी अधिक छात्रों और संकाय को संबोधित करने से पूर्व परम पावन ने एक बोधि वृक्ष के पौध का रोपण किया और एक नए प्रशासनिक भवन पर एक स्मारक पट्टिका का अनावरण किया।
२१वीं सदी में बौद्ध धर्म की प्रासंगिकता पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन
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March 17th 2017
राजगीर, बिहार, भारत, १७ मार्च २०१७ - कल प्रातः जब नभ पर वर्षा के बादल छाए हुए थे परम पावन दलाई लामा ने धर्मशाला से प्रस्थान किया। गया हवाई अड्डे आगमन पर बिहार राज्य सरकार के प्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। शीघ्र भोजन करने के बाद, वह गाड़ी से राजगीर के लिए रवाना हुए जहाँ उन्होंने अपनी गाड़ी गृद्धकूट की ओर जाती पहाड़ी के नीचे रोकी।
धर्मशाला में सहस्र भुजा अवलोकितेश्वर अभिषेक
धर्मशाला में सहस्र भुजा अवलोकितेश्वर अभिषेक
March 14th 2017
थेगछेन छोलिंग, धर्मशाला, हि. प्र., भारत, १४ मार्च २०१७ - मौसम आज सामान्य था जब परम पावन दलाई लामा अपने निवास से चुगलगखंग तक पैदल आए और चलते हुए शुभचिन्तकों की अभिनन्दन करते रहे। सिंहासन पर अपना आसन ग्रहण करने के पश्चात उन्होंने तत्काल ही अवलोकितेश्वर अभिषेक जो वे प्रदान करने वाले थे, की प्रारंभिक प्रक्रिया आरंभ कर दी।
'भावनाक्रम' और 'बोधिसत्व के ३७ अभ्यास' पर प्रवचन
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March 13th 2017
थेगछेन छोलिंग, धर्मशाला, हि. प्र., भारत, १३ मार्च २०१७- मुख्य तिब्बती मंदिर चुगलगखंग और उसके आसपास के बरामदे साथ ही नीचे के प्रांगण, परम पावन दलाई लामा के आगमन की प्रतीक्षा में लोगों से भरे हुए थे। जब परम पावन आए तो वे सिंहासन के समक्ष खड़े हुए, अभिनन्दन में हाथ ऊपर किए और ध्यान से देखा कि वहाँ कौन कौन थे ।
 

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कार्यक्रम


२०१७

सार्वजनिक व्याख्यान, अप्रैल १, गुवाहाटी, असम, भारतः असम ट्रिब्यून के प्लेटिनम जयंती समारोह के समापन कार्यक्रम के अंतर्गत परम पावन आईटीए सेंटर फॉर पर्फोमिंग ऑर्ट्स में मध्याह्न ए ह्यूमन एप्रोच टु वर्ल्ड पीस (विश्व शांति पर एक मानवीय दृष्टिकोण) पर एक सार्वजनिक व्याख्यान देंगे।

व्याख्यान, अप्रैल ५ से ७, तवांग, अरुणाचल प्रदेश, भारत: परम पावन अप्रैल ५ और ६ की प्रातः यिगा छोजिन में कमलशील के भावनाक्रम और ज्ञलसे थोगमे संगपो के बोधिसत्व के ३७ अभ्यास पर प्रवचन देंगे। अप्रैल ७ की प्रातः परम पावन यिगा छोजिन में रिनजिन दोनडुब की दीक्षा प्रदान करेंगे। 

व्याख्यान, अप्रैल १०, दिरंग, अरुणाचल प्रदेश, भारत: परम पावन गेशे लंगरी थंगपा के चित्त शोधन के अष्ट पदों और गुरु योग पर प्रवचन देंगे और थुबसुंग दरज्ञेलिंग विहार में अवलोकितेश्वर अनुज्ञा प्रदान करेंगे। 


 

 

 

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