द बुक ऑफ जोय

परम पावन दलाई लामा और आर्चबिशप डेसमंड टूटू आनन्द पर संवाद के लिए धर्मशाला में मिले। द बुक ऑफ जोय में उस वार्तालाप का वृत्तान्त है और उसमें अंतर्निहित संदेश को फैलाता है कि आनन्द का अनुभव करने के लिए, आप को दूसरों में आनन्द की भावना भरनी चाहिए।

द बुक ऑफ जोय

स्वागत

परम पावन चौदहवें दलाई लामा कार्यालय के आधिकारिक वेबसाइट में स्वागत। परम पावन तिब्बतीयों के सर्वोच्च आध्यात्मिक गुरु हैं। वे प्रायः कहते हैं कि उनका जीवन तीन प्रतिबद्धताओं से निर्देशित है: आधारभूत मानवीय जीवन मूल्यों का विकास अथवा मानवीय सुख के लिए धर्मनिरपेक्ष नैतिकता, धर्मों के बीच समन्वय की भावना और तिब्बती समुदाय के कल्याण का पोषण, जिस में उनकी अस्मिता, संस्कृति तथा धर्म पर केन्द्रितकर उन्हें जीवंत रखना।

यहाँ खोजें कि किस प्रकार परम पावन अपनी प्रतिबद्धताओं को अपनी विभिन्न गतिविधियों, अपने सार्वजनिक वक्तव्यों, व्यापक अंतर्राष्ट्रीय यात्राओं तथा प्रकाशनों से पूरा करते हैं।


 

News RSS Feedनवीनतम समाचार

स्विडनिका के चर्च ऑफ पीस में अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस का आयोजन स्विडनिका के चर्च ऑफ पीस में अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस का आयोजन
September 22nd 2016
व्रोक्ला, पोलैंड, २१ सितम्बर २०१६ - पोलैंड में रहने अथवा अध्ययन कर रहे तीस से अधिक तिब्बती और मंगोलियाई परम पावन दलाई लामा से उनके दिन के कार्यक्रमों के लिए रवाना होने से पहले मिलने आए। परम पावन ने उन्हें संक्षिप्त रूप से संबोधित कियाः "तिब्बत विश्व के छत के रूप में तो जाना जाता ही है, पर साथ ही अवलोकितेश्वर की भूमि के रूप में भी जाना जाता है। हम तिब्बतियों की अपनी स्वयं की भाषा, अपनी लिपि है, जो बौद्ध शिक्षाओं को सटीक रूप से समझाने का सर्वश्रेष्ठ माध्यम है।

यूरोपियन कैपिटल ऑफ कल्चर २०१६ में इतिहास, 'क्षमा और सुलह'
September 21st 2016

स्ट्रासबर्ग से व्रोकला के लिए प्रस्थान
September 20th 2016

अवलोकितेश्वर अभिषेक और सार्वजनिक व्याख्यान
September 19th 2016

 

कार्यक्रम


प्रवचन, अक्टूबर ३ से ६ तक, धर्मशालाः परम  पावन मुख्य तिब्बती  मंदिर में  ताइवान  के  एक  समूह  के अनुरोध  पर   आर्यदेव  के   चतुःशतक शास्त्र   नाम   कारिका   पर चार   दिवसीय प्रवचन  देंगे।

 

प्रवचन, अक्टूबर १० और ११, रीगा, लातविया: परम पावन सेव तिब्बत फाउंडेशन (मास्को)   और सगलाबसीम  टिबेटु (रीगा) के अनुरोध पर धर्मकीर्ति के प्रमाणवार्तिक पर दो दिवसीय प्रवचन देंगे। संपर्क वेबसाइट:  http://lv.dalailama.ru/

 

प्रवचन, अक्टूबर १४, ज्यूरिख, स्विट्जरलैंड: परम पावन  नागार्जुन की रत्नावली,  कमलशील के  भावना क्रम और  ज्ञलसे थोगमे संगपो  के  बोधिसत्व के ३७ अभ्यास  पर एक दिवसीय प्रवचन देंगे  और स्विट्जरलैंड और लिकटेंस्टीन के तिब्बती समुदाय द्वारा उनके लिए एक दीर्घायु समर्पण किया जाएगा। संपर्क वेबसाइट: www.dalailama2016.ch

 
 

खोजें