परम पावन का धर्मशाला वापसी

परम पावन दलाई लामा की असम और अरुणाचल प्रदेश की ग्यारह दिन की यात्रा के बाद उनके निवास थेगछेन छोलिंग लौटने पर स्थानीय निवासी उनका स्वागत करते हुए, धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश, भारत, अप्रैल १२, २०१७

परम पावन का धर्मशाला वापसी

स्वागत

परम पावन चौदहवें दलाई लामा कार्यालय के आधिकारिक वेबसाइट में स्वागत। परम पावन तिब्बतीयों के सर्वोच्च आध्यात्मिक गुरु हैं। वे प्रायः कहते हैं कि उनका जीवन तीन प्रतिबद्धताओं से निर्देशित है: आधारभूत मानवीय जीवन मूल्यों का विकास अथवा मानवीय सुख के लिए धर्मनिरपेक्ष नैतिकता, धर्मों के बीच समन्वय की भावना और तिब्बती समुदाय के कल्याण का पोषण, जिस में उनकी अस्मिता, संस्कृति तथा धर्म पर केन्द्रितकर उन्हें जीवंत रखना।

यहाँ खोजें कि किस प्रकार परम पावन अपनी प्रतिबद्धताओं को अपनी विभिन्न गतिविधियों, अपने सार्वजनिक वक्तव्यों, व्यापक अंतर्राष्ट्रीय यात्राओं तथा प्रकाशनों से पूरा करते हैं।


 

News RSS Feedनवीनतम समाचार

तवांग से गुवाहाटी और दिल्ली के लिए प्रस्थान तवांग से गुवाहाटी और दिल्ली के लिए प्रस्थान
April 19th 2017
दिल्ली, भारत, ११ अप्रैल २०१७ - आज प्रातः तवांग विहार का प्रांगण उन लोगों से खचाखच भरा था जो परम पावन दलाई लामा को विदा देने आए थे।

अंतिम अभिषेक, दीर्घायु समर्पण और सार्वजनिक व्याख्यान
April 19th 2017

अभिषेक और उग्येन लिंग और दोर्जे खांडू स्मारक संग्रहालय की यात्रा
April 19th 2017

परम पावन दलाई लामा ने तवांग में ५०,००० लोगों को बौद्ध प्रवचन दिया
April 19th 2017

 

कार्यक्रम


प्रवचन,  जून ५ - ७ तक,  धर्मशाला में  हि. प्र., भारत
परम पावन तिब्बती युवाओं के लिए मुख्य तिब्बती मंदिर में तीन दिन की प्रातःकालीन प्रवचन देंगे। (विषय का निर्णय होना है।)

प्रवचन,  अगस्त २९ - सितंबर १ तक,  धर्मशाला में  हि. प्र., भारत
परम पावन मुख्य तिब्बती मंदिर में एशिया के एक समूह के अनुरोध पर, जिसमें इंडोनेशिया, कोरिया, मलेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम शामिल हैं, बुद्धपालित के मूलमध्यमक कारिका भाष्य  बुद्धपालित वृत्ति पर चार दिन का प्रातःकालीन प्रवचन देंगे।

 

 
 

खोजें