महत्त्व

दलाई लामाओं को अवलोकितेश्वर का प्रकट रूप माना जाता है। जो करुणा का बोधिसत्व तथा तिब्बत के संरक्षक संत हैं। बोधिसत्व प्रबुद्ध सत्त्व माने जाते हैं, जिन्होंने मानवता की सेवा के लिए अपने स्वयं के निर्वाण को टाल कर पुनर्जन्म लेने का निर्णय लिया है।

 

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परम पावन दलाई लामा की पर्यावरण और सुख पर व्याख्यान देने हेतु मध्य प्रदेश की यात्रा
19 मार्च 2017
भारत को गांवों के विकास पर ध्यान देना चाहिए: दलाई लामा भोपाल, मध्य प्रदेश, भारत, १९ मार्च २०१७ (पीटीआई) - भारत को समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए गांवों के विकास पर ध्यान देना चाहिए, तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा ने रविवार के दिन कहा "भारत की समृद्धि बड़े शहरों के विकास के बजाय गांवों के विकास पर निर्भर करती है। अतः विकास की यात्रा देश के ग्रामीण क्षेत्रों से प्रारंभ होनी चाहिए," दलाई लामा ने मध्य प्रदेश के देवास जिले के तुरनल गांव में एक सभा को बताया।

नव नालंदा महाविहार की यात्रा और अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन का दूसरा दिन
March 18th 2017

२१वीं सदी में बौद्ध धर्म की प्रासंगिकता पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन
March 17th 2017

धर्मशाला में सहस्र भुजा अवलोकितेश्वर अभिषेक
March 14th 2017

'भावनाक्रम' और 'बोधिसत्व के ३७ अभ्यास' पर प्रवचन
March 13th 2017

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